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राजस्थान का एकीकरण - GK Trick | Rajasthan GK Tricks

राजस्थान का एकीकरण (Integration of Rajasthan)

आज जिस प्रदेश को राजस्थान के नाम से जाना जाता है वह स्वतंत्रता से पहले राजपूताना के नाम से जाना जाता था। राजपूताना यानी राजपूतों की भूमि। राजपूताना में अनेक रियासतें थी । जिन पर यहां के शासक अंग्रेज सरकार की देखरेख में शासन चलाते थे। अजमेर मेरवाड़ा का इलाका सीधे अंग्रेजों के अधीन था । स्वतंत्रता के बाद इन सब इलाकों को इकट्ठा करके वर्तमान राजस्थान राज्य बना। हालांकि देशी रियासतों ने भारत में विलय पर सहमति दे दी परंतु उनमें कई रियासतें जनसंख्या व क्षेत्रफल की दृष्टि से इतनी छोटी थी कि उनका अलग राज्य के रूप में रहना प्रशासनिक दृष्टि से संभव नहीं था । इससे उनका विकास भी नहीं हो पाता । इसलिए रियासती विभाग ने तय किया कि जिन रियासतों की जनसंख्या 10 लाख से कम है या आय 10000000 रुपए से कम है उन्हें पास की बड़ी रियासतों में मिला दिया जाए इसलिए प्रारंभ में राजस्थान के राजाओं ने स्वयं प्रयास करके अपने संघ बनाने के प्रयास किए जैसे मेवाड़ महाराणा ने राजस्थान के राजाओं को एकत्रित कर राजस्थान यूनियन बनाने का प्रस्ताव रखा। डूंगरपुर महारावल ने वागड़ के राज्यों को मिलाकर वागड़ संघ बनाने का प्रस्ताव दिया बनाने का प्रयास किया किंतु शासकों द्वारा किए गए प्रयास सफल नहीं हुए।

     मत्स्य संघ (पहला चरण)

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मत्स्य संघ

 सबसे पहले मेवात के इलाके से अलवर भरतपुर धौलपुर और करोली ने मार्च 1948 में इकट्ठा रहने का फैसला किया । इस संगठन को केएम मुंशी की सलाह पर इसके प्राचीन नाम के आधार पर मत्स्य संघ का नाम दिया गया। अलवर को मत्स्य संघ की राजधानी बनाया गया।

GK TRICK :- मत्सय संघ में शामिल रियासतें व ठिकाने

अभी ना धोक

  1. अ - अलवर
  2. भी - भरतपुर
  3. ना - नीमराणा (ठिकाना)
  4. धो - धौलपुर
  5. क - करौली

संयुक्त राजस्थान /पूर्व राजस्थान संघ ( दूसरा चरण) 

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पूर्व राजस्थान संघ

 कुछ ही दिन बाद दक्षिण पूर्वी और दक्षिण की 9 रियासतों ने मिलकर संयुक्त राजस्थान नाम के संघ का गठन किया । इसमें बांसवाड़ा कोटा बूंदी टोंक झालावाड़ प्रतापगढ़ शाहपुरा किशनगढ़ और डूंगरपुर नाम का रियासतें कुशलगढ़ व लावा शामिल थे । कोटा को संयुक्त राजस्थान की राजधानी बनाया गया।

GK TRICK:-  राजस्थान में शामिल रियासतें व ठिकाने

शाह बाबू की झाडू को पटको

  1. शाह - शाहपुरा
  2. बा - बाँसवाड़ा
  3. बू - बून्दी
  4. की - किशनगढ
  5. झा - झालावाड़
  6. डू - डूँगरपुर
  7. को - कोटा
  8. प - प्रतापगढ
  9. टको - टोंक

संयुक्त राजस्थान (तीसरा चरण)

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संयुक्त राजस्थान

  तीन हफ्ते बाद मेवाड़ यानी उदयपुर रियासत भी इस संघ में शामिल हो गया संयुक्त राजस्थान नाम के इस संघ की राजधानी उदयपुर को बनाया गया। राजप्रमुख मेवाड़ के महाराणा भूपाल सिंह बने तथा माणिक्य लाल वर्मा को प्रधानमंत्री बनाया।

 वृहत्त राजस्थान (चौथा चरण)

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वृहत्त राजस्थान

अगले साल यानी 30 मार्च 1949 ईस्वी में बची हुई चार रियासतें भी इस संघ में शामिल हो गई। अतः अब संयुक्त राजस्थान संघ में जयपुर, जोधपुर जैैैसलमेर बीकानेर भी शामिल हो चुके थे। संघ का नाम बदलकर वृहत्त राजस्थान रख दिया गया। वृहत राजस्थान की राजधानी बना जयपुर और इसके महाराज प्रमुख बने मेवाड़ के महाराणा भूपाल सिंह व राज प्रमुख बने जयपुर के मानव सिंह तथा पंडित हीरालाल शास्त्री को प्रधानमंत्री बनाया गया पूरा नाम भारतीय संविधान के लागू होने के बाद सारे देश में राज्यों के प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्री कहा जाने लगा।

 संयुक्त वृहत्तर राजस्थान (पांचवा चरण)

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संयुक्त वृहत्तर राजस्थान

 15 मई 1949 ईस्वी को मत्स्य संघ भी वृहत्त राजस्थान में शामिल हो गया।इसे संयुक्त वृहत्तर राजस्थान कहा गया।

राजस्थान संघ (छठा चरण)

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राजस्थान संघ

अभी तक केवल सिरोही ही ऐसी रियासत थी जिसका राजस्थान में विलय नहीं हुआ था । 26 जनवरी 1950 ईस्वी को जब भारत का पहला गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा था इस समय देलवाड़ा एवं आबू क्षेत्र के अलावा बाकी सिरोही रियासत अभी राजस्थान का हिस्सा बन गई। भारत सरकार द्वारा गठित राज्य पुनर्गठन कमीशन के कहने पर 1956 ईस्वी में अजमेर मेरवाड़ा के इलाके को भी राजस्थान में मिला दिया गया। साथ ही मध्यप्रदेश के सुनेल टप्पा और सिरोही की देलवाड़ा एवं आबू तहसील को भी राजस्थान का हिस्सा बना दिया गया तथा राजस्थान का सिरोंज मध्य प्रदेश में मिला दिया गया।

आधुनिक राजस्थान(सातवां चरण)

 इस तरह वर्तमान राजस्थान का 1 नवंबर 1956 ईस्वी को एकीकरण हुआ। किंतु राजस्थान दिवस वृहत राजस्थान के आधार पर 30 मार्च को ही मनाया जाता है। वर्तमान राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है और इसकी आबादी 2011 की जनगणना के आधार पर 6 करोड़ से भी ज्यादा है। वर्तमान समय में राजस्थान में सात संभाग और 33 जिले हैं।

GK TRICK :- राजस्थान के एकीकरण में प्रथम चरण से सप्तम चरण तक के नाम

MP से VSR आया

  1. M - मत्सय संघ
  2. P - पूर्व राजस्थान संघ
  3. से - संयुक्त राजस्थान
  4. V - वृहत राजस्थान
  5. S - संयुक्त वृहत्तर राजस्थान
  6. R - राजस्थान संघ
  7. आ - आधुनिक राजस्थान

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